क्रिया विशेषण किसे कहते हैं और क्रिया विशेषण के प्रकार



क्रिया विशेषण किसे कहते हैं और क्रिया विशेषण के प्रकार ? 

क्रिया-विशेषण का अर्थ :-

हिंदी व्याकरण में क्रिया-विशेषण एक महत्वपूर्ण शब्द-भेद है। इसका मुख्य काम वाक्य में प्रयुक्त क्रिया की विशेषता बताना होता है। अर्थात् क्रिया किस प्रकार, कब, कहाँ, कितनी या कितनी बार हुई—इसकी जानकारी देने वाला शब्द क्रिया-विशेषण कहलाता है।

क्रिया विशेषण (Adverb) वह शब्द है जो किसी क्रिया, विशेषण या अन्य क्रिया विशेषण की विशेषता बताता है। यह हमें बताता है कि क्रिया कैसे, कब, कहां, कितनी बार, या किस प्रकार हुई है। 

सरल शब्दों में—

जो शब्द क्रिया की विशेषता, समय, स्थान, रीति, मात्रा, आवृत्ति आदि का बोध कराए, उसे क्रिया-विशेषण कहते हैं।

उदाहरण

    1. राम धीरे चलता है।
    2. सीता आज विद्यालय गई।
    3. बच्चे बाहर खेल रहे हैं।
    4. मोहन बहुत दौड़ता है।
    5. वह प्रतिदिन पढ़ता है।

इन वाक्यों में धीरे, आज, बाहर, बहुत और प्रतिदिन शब्द क्रिया की विशेषता बता रहे हैं। इसलिए ये सभी क्रिया-विशेषण हैं।

क्रिया-विशेषण की आवश्यकता क्यों होती है?

यदि हम केवल यह कहें—

राहुल दौड़ता है।

तो हमें केवल यह पता चलता है कि राहुल दौड़ता है।

लेकिन यदि हम कहें—

राहुल तेज़ दौड़ता है।

तो हमें पता चलता है कि राहुल किस प्रकार दौड़ता है।

इसी तरह—

राहुल आज दौड़ता है।

यहाँ "आज" बताता है कि दौड़ने की क्रिया कब हुई।

राहुल मैदान में दौड़ता है।

यहाँ "मैदान में" बताता है कि दौड़ने की क्रिया कहाँ हुई।

इस प्रकार क्रिया-विशेषण वाक्य को अधिक स्पष्ट और अर्थपूर्ण बनाता है।

क्रिया-विशेषण की पहचान कैसे करें?

क्रिया-विशेषण पहचानने के लिए क्रिया से कुछ प्रश्न पूछे जा सकते हैं।

मुख्य प्रश्न

प्रश्न

              उदाहरण                                      

क्रिया-विशेषण

कैसे?                            

वह धीरे चलता है।

धीरे

कब?

वह आज आया।

आज

कहाँ?

बच्चे बाहर खेल रहे हैं।

बाहर

कितना?

वह बहुत दौड़ता है।

बहुत

कितनी बार?

वह प्रतिदिन पढ़ता है।

प्रतिदिन

इसलिए किसी वाक्य में क्रिया खोजने के बाद उसके संबंध में कैसे, कब, कहाँ, कितना या कितनी बार जैसे प्रश्न पूछना उपयोगी होता है।

क्रिया-विशेषण की प्रमुख विशेषताएँ

क्रिया-विशेषण की कुछ महत्वपूर्ण विशेषताएँ निम्नलिखित हैं—

    1. यह मुख्य रूप से क्रिया की विशेषता बताता है।
    2. यह क्रिया के समय का बोध करा सकता है।
    3. यह क्रिया के स्थान का बोध करा सकता है।
    4. यह क्रिया के होने की रीति या ढंग बताता है।
    5. यह क्रिया की मात्रा या परिमाण बता सकता है।
    6. यह क्रिया के बार-बार होने का बोध करा सकता है।
    7. कई बार यह विशेषण या दूसरे क्रिया-विशेषण की विशेषता भी बता सकता है।

उदाहरण

राम बहुत तेज़ दौड़ता है।

यहाँ—

    • "दौड़ता" = क्रिया
    • "तेज़" = क्रिया की विशेषता
    • "बहुत" = "तेज़" की मात्रा बताता है।

 क्रिया विशेषण के प्रकार:-

1. रूप विशेषण/रीतिवाचक क्रिया-विशेषण (Adverb of Manner): यह क्रिया की विधि या तरीका बताता है। 

परिभाषा

जो क्रिया के होने की रीति, ढंग या तरीके का बोध कराए, उसे रीतिवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।

इसकी पहचान के लिए क्रिया से प्रश्न करें— कैसे? किस प्रकार? किस ढंग से?

   - जैसे: तेजी से, धीरे-धीरे, अच्छी तरह से

उदाहरण

    1. राम धीरे बोलता है।
    2. सीमा जल्दी चलती है।
    3. सैनिक बहादुरी से लड़े।
    4. बच्चा चुपचाप बैठा है।
    5. वह ध्यानपूर्वक पढ़ता है।
    6. मोहन तेज़ी से भागा।
    7. उसने प्रश्न का उत्तर सही ढंग से दिया।

इन वाक्यों में धीरे, जल्दी, बहादुरी से, चुपचाप, ध्यानपूर्वक, तेज़ी से और सही ढंग से क्रिया के तरीके को बता रहे हैं।

कुछ सामान्य रीतिवाचक क्रिया-विशेषण

धीरे, जल्दी, तेज़ी से, चुपचाप, अचानक, ध्यानपूर्वक, सावधानी से, आसानी से, कठिनाई से, प्रसन्नतापूर्वक, प्यार से, जोर से, धीरे-धीरे।

उदाहरण द्वारा समझें

बच्चा धीरे-धीरे चलता है।

प्रश्न—बच्चा कैसे चलता है?

उत्तर—धीरे-धीरे।

इसलिए "धीरे-धीरे" रीतिवाचक क्रिया-विशेषण है।

2. कालवाचक क्रिया-विशेषण (Adverb of Time): - यह क्रिया के समय को बताता है।

परिभाषा

जो शब्द क्रिया के होने के समय का बोध कराए, उसे कालवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।

इसकी पहचान के लिए क्रिया से प्रश्न करें— कब? किस समय? कितने समय बाद? कितने समय पहले?

   - जैसे: आज, कल, तुरंत, पहले, बाद में

   - उदाहरण: 

    1. मैं आज विद्यालय जाऊँगा।
    2. वह कल दिल्ली गया था।
    3. राम अभी खाना खा रहा है।
    4. हम कल मिलेंगे।
    5. वह प्रतिदिन व्यायाम करता है।
    6. मोहन हमेशा सत्य बोलता है।
    7. बच्चे अब खेल रहे हैं।

इन वाक्यों में आज, कल, अभी, प्रतिदिन, हमेशा और अब समय का बोध करा रहे हैं।

सामान्य कालवाचक क्रिया-विशेषण

आज, कल, अभी, अब, तब, पहले, बाद में, तुरंत, शीघ्र, प्रतिदिन, रोज़, हमेशा, कभी, कभी-कभी, प्रायः, अक्सर।

उदाहरण

सीमा अभी पढ़ रही है।

प्रश्न—सीमा कब पढ़ रही है?

उत्तर—अभी।

इसलिए "अभी" कालवाचक क्रिया-विशेषण है।

3. स्थानवाचक क्रिया-विशेषण (Adverb of Place): - यह क्रिया के स्थान को बताता है।

परिभाषा

जो शब्द क्रिया के होने के स्थान या दिशा का बोध कराए, उसे स्थानवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।

इसकी पहचान के लिए प्रश्न करें—कहाँ? किस स्थान पर? किस दिशा में?

   - जैसे: यहाँ, वहाँ, ऊपर, नीचे, बाहर

   - उदाहरण:

    1. इसलिए "बाहर" स्थानवाचक क्रिया-विशेषण है।
    2. बच्चे बाहर खेल रहे हैं।
    3. वह अंदर बैठा है।
    4. पक्षी ऊपर उड़ रहा है।
    5. बिल्ली नीचे बैठी है।
    6. राम आगे चल रहा है।
    7. मोहन पीछे खड़ा है।
    8. वह यहाँ रहता है।
    9. तुम वहाँ क्यों गए?

         इन वाक्यों में बाहर, अंदर, ऊपर, नीचे, आगे, पीछे, यहाँ और वहाँ स्थान या दिशा का बोध करा रहे हैं।सामान्य स्थानवाचक क्रिया-विशेषण -यहाँ, वहाँ, कहाँ, ऊपर, नीचे, आगे, पीछे, अंदर, बाहर, पास, दूर, आसपास, सामने, इधर, उधर।

उदाहरण
  1. बच्चे बाहर खेल रहे हैं।
    प्रश्न—बच्चे कहाँ खेल रहे हैं?
    उत्तर—बाहर।

4. परिमाण विशेषण (Adverb of Degree): यह क्रिया, विशेषण या अन्य क्रिया विशेषण की मात्रा या सीमा बताता है।

परिभाषा

जो शब्द क्रिया की मात्रा या परिमाण का बोध कराए, उसे परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।

इसकी पहचान के लिए प्रश्न करें— कितना? कितनी मात्रा में? किस सीमा तक?

   - जैसे: बहुत, कम, अधिक, काफी

   - उदाहरण:

    1. वह बहुत दौड़ता है।
    2. राम कम बोलता है।
    3. मोहन अधिक पढ़ता है।
    4. बच्चा बहुत हँसा।
    5. उसने थोड़ा खाया।
    6. वह अत्यंत तेज़ दौड़ता है।
    7. बारिश बहुत हुई।

इन वाक्यों में बहुत, कम, अधिक, थोड़ा और अत्यंत मात्रा का बोध करा रहे हैं।

सामान्य परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण

बहुत, कम, अधिक, थोड़ा, अत्यंत, खूब, इतना, उतना, काफी, बिल्कुल, अत्यधिक।

उदाहरण

रवि बहुत पढ़ता है।

प्रश्न—रवि कितना पढ़ता है?

उत्तर—बहुत।

इसलिए "बहुत" परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण है।

5. आवृत्तिवाचक क्रिया-विशेषण (Adverb of Frequency): यह क्रिया की बारंबारता को बताता है।

परिभाषा

जो शब्द किसी क्रिया के बार-बार होने या उसकी आवृत्ति का बोध कराए, उसे आवृत्तिवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।

इसकी पहचान के लिए प्रश्न करें— कितनी बार? कितने अवसरों पर? कितनी बार ऐसा होता है?

   - जैसे: हमेशा, कभी-कभी, अक्सर, कभी नहीं

   - उदाहरण: 

    1. वह प्रतिदिन विद्यालय जाता है।
    2. मैं अक्सर पुस्तकालय जाता हूँ।
    3. वह कभी-कभी हमारे घर आता है।
    4. राम हमेशा समय पर आता है।
    5. वह बार-बार एक ही प्रश्न पूछता है।
    6. मैं प्रायः सुबह टहलता हूँ।

सामान्य आवृत्तिवाचक शब्द

प्रतिदिन, रोज़, हमेशा, अक्सर, कभी-कभी, प्रायः, बार-बार, नित्य, लगातार।

उदाहरण

मोहन प्रतिदिन व्यायाम करता है।

प्रश्न—मोहन कितनी बार व्यायाम करता है?

उत्तर—प्रतिदिन।

इसलिए "प्रतिदिन" आवृत्तिवाचक क्रिया-विशेषण है।

6. प्रश्नवाचक क्रिया-विशेषण (Interrogative Adverb): यह प्रश्न पूछने के लिए उपयोग होता है।

जो क्रिया-विशेषण प्रश्न पूछने के लिए प्रयोग किए जाते हैं और क्रिया के स्थान, समय, रीति या कारण आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करते हैं, उन्हें प्रश्नवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।

मुख्य शब्द:

कहाँ, कब, कैसे, क्यों, किधर, कहाँ से, कहाँ तक आदि।

   - जैसे: कब, कहाँ, कैसे, क्यों

   - उदाहरण: 

    • तुम कहाँ जा रहे हो?
    • वह कब आएगा?
    • तुमने यह काम कैसे किया?
    • बच्चा क्यों रो रहा है?
    • तुम किधर जा रहे हो?

यहाँ कहाँ, कब, कैसे, क्यों और किधर प्रश्न पूछ रहे हैं, इसलिए ये प्रश्नवाचक क्रिया-विशेषण हैं।

7. संबंधबोधक विशेषण (Relative Adverb): यह संबंध सूचक वाक्यांशों में उपयोग होता है।

जो क्रिया-विशेषण दो उपवाक्यों के बीच संबंध स्थापित करते हैं और किसी स्थान, समय, रीति आदि के संबंध में जानकारी देते हैं, उन्हें संबंधवाचक क्रिया-विशेषण कहते हैं।

इनमें प्रायः जहाँ, जब, जैसे, जितना, जिधर आदि शब्द आते हैं।

   - जैसे: जहाँ, जब, जैसे

   - उदाहरण: 

    • जहाँ मेहनत होती है, वहाँ सफलता मिलती है।
    • जब वर्षा होती है, तब मौसम सुहावना हो जाता है।
    • जैसे तुम करोगे, वैसे ही परिणाम मिलेगा।
    • जिधर नदी बहती है, उधर हरियाली दिखाई देती है।

यहाँ जहाँ–वहाँ, जब–तब, जैसे–वैसे, जिधर–उधर दो उपवाक्यों के बीच संबंध स्थापित कर रहे हैं।

उदाहरण:

- रूप विशेषण: राम ने धीरे-धीरे बात की।

- काल विशेषण: वह सुबह जल्दी उठता है।

- स्थान विशेषण: बच्चे बगीचे में खेल रहे हैं।

- परिमाण विशेषण: उसने काफी मेहनत की।

- आवृत्ति विशेषण: वह हमेशा सच्चाई बोलता है।

- प्रश्न विशेषण: तुम यहाँ क्यों आए हो?

- संबंधबोधक विशेषण: मैं वहाँ जाऊँगा जहाँ तुम जाओगे।

क्रिया विशेषण वाक्य को अधिक स्पष्ट और विवरणात्मक बनाते हैं, जिससे विचारों को सही ढंग से व्यक्त करने में मदद मिलती है।

क्रिया-विशेषण और विशेषण में अंतर

विद्यार्थियों को अक्सर विशेषण और क्रिया-विशेषण में भ्रम होता है।

इसे समझने के लिए यह बात याद रखें—

विशेषण संज्ञा या सर्वनाम की विशेषता बताता है, जबकि क्रिया-विशेषण मुख्य रूप से क्रिया की विशेषता बताता है।

उदाहरण 1

राम तेज़ लड़का है।

यहाँ "तेज़" राम की विशेषता बता रहा है। इसलिए "तेज़" विशेषण है।

उदाहरण 2

राम तेज़ दौड़ता है।

यहाँ "तेज़" दौड़ने की क्रिया की विशेषता बता रहा है। इसलिए यह क्रिया-विशेषण है।

तुलना

वाक्य

विशेषता किसकी?

    शब्द

तेज़ घोड़ा दौड़ता है।

 घोड़े की

तेज़ = विशेषण

घोड़ा तेज़ दौड़ता है।                      

दौड़ने की                                

तेज़ = क्रिया-विशेषण

सुंदर लड़की गाती है।

लड़की की

सुंदर = विशेषण

लड़की मधुर गाती है।

गाने की

मधुर = क्रिया-विशेषण

क्रिया-विशेषण और क्रिया में अंतर :-

क्रिया किसी काम के होने का बोध कराती है, जबकि क्रिया-विशेषण उस काम की विशेषता बताता है।

उदाहरण

राहुल धीरे चलता है।

    • चलता = क्रिया
    • धीरे = क्रिया-विशेषण

सीमा आज पढ़ती है।

    • पढ़ती = क्रिया
    • आज = क्रिया-विशेषण

एक वाक्य में एक से अधिक क्रिया-विशेषण

कभी-कभी एक ही वाक्य में एक से अधिक क्रिया-विशेषण हो सकते हैं।

उदाहरण

राम आज यहाँ बहुत धीरे बोल रहा है।

इस वाक्य में—

    • आज = कालवाचक
    • यहाँ = स्थानवाचक
    • बहुत = परिमाणवाचक
    • धीरे = रीतिवाचक
    • बोल रहा है = क्रिया

इससे पता चलता है कि एक वाक्य में क्रिया-विशेषण के अलग-अलग प्रकार एक साथ आ सकते हैं।

क्रिया-विशेषण की स्थिति

क्रिया-विशेषण वाक्य में हमेशा क्रिया के तुरंत पहले या बाद में ही आए, यह आवश्यक नहीं है। यह वाक्य में अलग-अलग स्थानों पर आ सकता है।

उदाहरण

आज राम विद्यालय गया।

राम आज विद्यालय गया।

राम विद्यालय आज गया।

तीनों वाक्यों में "आज" समय का बोध करा रहा है।

हालाँकि सामान्य और स्वाभाविक वाक्य-रचना में शब्दों का क्रम अर्थ की स्पष्टता और भाषा के स्वभाव के अनुसार रखा जाता है।

क्रिया-विशेषण बनाने वाले कुछ सामान्य शब्द

हिंदी में कई शब्द अपने सामान्य रूप में क्रिया की विशेषता बताते हैं।

उदाहरण

धीरे, तेज़, जल्दी, अचानक, चुपचाप, तुरंत, सावधानी से, ध्यानपूर्वक, आसानी से, मुश्किल से।

इनका प्रयोग क्रिया के तरीके को बताने में होता है।

उदाहरण

    • वह अचानक गिर गया।
    • बच्चा चुपचाप बैठा है।
    • उसने काम सावधानी से किया।
    • छात्र ने प्रश्न ध्यानपूर्वक सुना।

उसने समस्या आसानी से हल कर दी।

. क्रिया-विशेषण पहचानने की आसान ट्रिक

परीक्षा में क्रिया-विशेषण पहचानने के लिए पाँच मुख्य प्रश्न याद रखें—

1. कैसे?

रीतिवाचक क्रिया-विशेषण

राम धीरे चलता है।

2. कब?

कालवाचक क्रिया-विशेषण

राम आज आया।

3. कहाँ?

स्थानवाचक क्रिया-विशेषण

राम बाहर गया।

4. कितना?

परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण

राम बहुत पढ़ता है।

5. कितनी बार?

आवृत्तिवाचक क्रिया-विशेषण

राम प्रतिदिन पढ़ता है।

इसे इस छोटे सूत्र से याद कर सकते हैं:

कैसे = रीति | कब = काल | कहाँ = स्थान | कितना = परिमाण | कितनी बार = आवृत्ति

उदाहरणों का विस्तृत अध्ययन

वाक्य 1

बच्चा धीरे चलता है।

प्रश्न—बच्चा कैसे चलता है?

उत्तर—धीरे।

धीरे = रीतिवाचक क्रिया-विशेषण

वाक्य 2

सीमा कल आएगी।

प्रश्न—सीमा कब आएगी?

उत्तर—कल।

कल = कालवाचक क्रिया-विशेषण

वाक्य 3

पक्षी ऊपर उड़ रहा है।

प्रश्न—पक्षी कहाँ/किस दिशा में उड़ रहा है?

उत्तर—ऊपर।

ऊपर = स्थानवाचक क्रिया-विशेषण

वाक्य 4

मोहन बहुत हँसता है।

प्रश्न—मोहन कितना हँसता है?

उत्तर—बहुत।

बहुत = परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण

वाक्य 5

वह अक्सर मंदिर जाता है।

प्रश्न—वह कितनी बार मंदिर जाता है?

उत्तर—अक्सर।

अक्सर = आवृत्तिवाचक क्रिया-विशेषण

क्रिया-विशेषण के प्रकारों की सारणी

प्रकार                               

पहचानने का प्रश्न

  उदाहरण

रीतिवाचक

कैसे?                                            

धीरे, जल्दी, चुपचाप

कालवाचक

कब?

आज, कल, अभी

स्थानवाचक

कहाँ?

यहाँ, वहाँ, बाहर

परिमाणवाचक

कितना?

बहुत, कम, अधिक

आवृत्तिवाचक

कितनी बार?

अक्सर, प्रतिदिन, कभी-कभी


महत्वपूर्ण बात: "बहुत" का प्रयोग

"बहुत" शब्द को देखकर हमेशा यह नहीं मानना चाहिए कि वह क्रिया-विशेषण ही है। उसका कार्य देखकर पहचान करनी चाहिए।

उदाहरण

बहुत बच्चे मैदान में हैं।

यहाँ "बहुत" बच्चों की संख्या बता रहा है। यह क्रिया की विशेषता नहीं बता रहा।

लेकिन—

बच्चे बहुत खेलते हैं।

यहाँ "बहुत" खेलने की मात्रा बता रहा है। इसलिए यह क्रिया-विशेषण है।

इसी प्रकार—

बहुत सुंदर फूल है।

यहाँ "बहुत" "सुंदर" की मात्रा बता रहा है।

इसलिए किसी शब्द की पहचान केवल उसके रूप से नहीं, बल्कि वाक्य में उसके कार्य से करनी चाहिए।

"आज", "कल" आदि शब्दों का प्रयोग

"आज" और "कल" जैसे शब्द सामान्यतः समय का बोध कराते हैं।

उदाहरण

मैं आज विद्यालय गया।

"आज" = कालवाचक क्रिया-विशेषण।

मैं कल विद्यालय जाऊँगा।

"कल" = कालवाचक क्रिया-विशेषण।

इसलिए ऐसे शब्दों से संबंधित प्रश्न पूछना आसान होता है—

कब? → आज/कल/अभी/तब

क्रिया-विशेषण के प्रयोग से वाक्य अधिक प्रभावी कैसे बनता है?

साधारण वाक्य—

सैनिक लड़े।

यह वाक्य केवल लड़ने की सूचना देता है।

क्रिया-विशेषण के साथ—

सैनिक बहादुरी से लड़े।

अब लड़ने की रीति भी पता चलती है।

इसी तरह—

बच्चा पढ़ता है।

→ बच्चा प्रतिदिन ध्यानपूर्वक पढ़ता है।

अब हमें पता चलता है—

    • कब? → प्रतिदिन
    • कैसे? → ध्यानपूर्वक

इस प्रकार क्रिया-विशेषण वाक्य में अतिरिक्त और उपयोगी जानकारी जोड़ता है।

विद्यार्थियों के लिए याद रखने योग्य बातें

    1. क्रिया-विशेषण मुख्य रूप से क्रिया की विशेषता बताता है।
    2. "कैसे?" पूछने पर रीतिवाचक क्रिया-विशेषण मिलता है।
    3. "कब?" पूछने पर कालवाचक क्रिया-विशेषण मिलता है।
    4. "कहाँ?" पूछने पर स्थानवाचक क्रिया-विशेषण मिलता है।
    5. "कितना?" पूछने पर परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण मिलता है।
    6. "कितनी बार?" पूछने पर आवृत्तिवाचक क्रिया-विशेषण मिलता है।
    7. एक वाक्य में एक से अधिक क्रिया-विशेषण हो सकते हैं।
    8. एक ही शब्द अलग-अलग वाक्यों में अलग भूमिका निभा सकता है।
    9. शब्द को पहचानने के लिए उसके वाक्य में कार्य को देखना चाहिए।
    10. विशेषण और क्रिया-विशेषण में अंतर समझना बहुत महत्वपूर्ण है।

अभ्यास प्रश्न – 1

नीचे दिए गए वाक्यों में क्रिया-विशेषण पहचानिए।

    1. राम धीरे चलता है।
    2. सीता आज विद्यालय गई।
    3. बच्चे बाहर खेल रहे हैं।
    4. मोहन बहुत पढ़ता है।
    5. वह प्रतिदिन व्यायाम करता है।
    6. पक्षी ऊपर उड़ रहे हैं।
    7. बच्चा चुपचाप बैठा है।
    8. मैं कल दिल्ली जाऊँगा।
    9. वह अक्सर पुस्तकालय जाता है।
    10. सैनिक बहादुरी से लड़े।

उत्तर

    1. धीरे
    2. आज
    3. बाहर
    4. बहुत
    5. प्रतिदिन
    6. ऊपर
    7. चुपचाप
    8. कल
    9. अक्सर




    10. बहादुरी से

      अभ्यास प्रश्न – 2

      नीचे दिए गए क्रिया-विशेषणों का प्रकार बताइए।

      1. धीरे
      2. आज
      3. यहाँ
      4. बहुत
      5. प्रतिदिन
      6. चुपचाप
      7. कल
      8. बाहर
      9. अधिक
      10. अक्सर

      उत्तर

      1. धीरे – रीतिवाचक
      2. आज – कालवाचक
      3. यहाँ – स्थानवाचक
      4. बहुत – परिमाणवाचक
      5. प्रतिदिन – आवृत्तिवाचक
      6. चुपचाप – रीतिवाचक
      7. कल – कालवाचक
      8. बाहर – स्थानवाचक
      9. अधिक – परिमाणवाचक
      अक्सर – आवृत्तिवाचक

      अभ्यास प्रश्न – 3

      रिक्त स्थानों में उचित क्रिया-विशेषण भरिए।

      शब्द-सहायता: आज, धीरे, बाहर, बहुत, प्रतिदिन

      1. राम _______ चलता है।
      2. बच्चे _______ खेल रहे हैं।
      3. सीमा _______ विद्यालय गई।
      4. मोहन _______ पढ़ता है।
      5. राहुल _______ व्यायाम करता है।

      उत्तर

      1. धीरे
      2. बाहर
      3. आज
      4. बहुत
      5. प्रतिदिन

        अभ्यास प्रश्न – 4

        निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया-विशेषण का प्रकार लिखिए।

        1. वह जल्दी घर पहुँचा।
        2. मैं अभी खाना खा रहा हूँ।
        3. बच्चे यहाँ बैठे हैं।
        4. वह बहुत तेज़ दौड़ता है।
        5. राम हमेशा सच बोलता है।
        6. उसने काम सावधानी से किया।
        7. पक्षी नीचे उतर आया।
        8. वह कभी-कभी हमारे घर आता है।
        9. सीमा कल आएगी।
        10. छात्र ध्यानपूर्वक सुन रहे हैं।

          अभ्यास प्रश्न – 5 : स्वयं वाक्य बनाइए

          निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग करके अपने वाक्य बनाइए—

          1. धीरे
          2. आज
          3. यहाँ
          4. बहुत
          5. प्रतिदिन
          6. अचानक
          7. बाहर
          8. अक्सर
          9. चुपचाप
          10. कल
      अभ्यास प्रश्न – 6
  1. नीचे दिए गए क्रिया-विशेषणों का प्रकार बताइए।

    1. धीरे
    2. आज
    3. यहाँ
    4. बहुत
    5. प्रतिदिन
    6. चुपचाप
    7. कल
    8. बाहर
    9. अधिक
    10. अक्सर

    उत्तर

    1. धीरे – रीतिवाचक
    2. आज – कालवाचक
    3. यहाँ – स्थानवाचक
    4. बहुत – परिमाणवाचक
    5. प्रतिदिन – आवृत्तिवाचक
    6. चुपचाप – रीतिवाचक
    7. कल – कालवाचक
    8. बाहर – स्थानवाचक
    9. अधिक – परिमाणवाचक
    अक्सर – आवृत्तिवाचक

    अभ्यास प्रश्न – 3

    रिक्त स्थानों में उचित क्रिया-विशेषण भरिए।

    शब्द-सहायता: आज, धीरे, बाहर, बहुत, प्रतिदिन

    1. राम _______ चलता है।
    2. बच्चे _______ खेल रहे हैं।
    3. सीमा _______ विद्यालय गई।
    4. मोहन _______ पढ़ता है।
    5. राहुल _______ व्यायाम करता है।

    उत्तर

    1. धीरे
    2. बाहर
    3. आज
    4. बहुत
    5. प्रतिदिन

      अभ्यास प्रश्न – 4

      निम्नलिखित वाक्यों में क्रिया-विशेषण का प्रकार लिखिए।

      1. वह जल्दी घर पहुँचा।
      2. मैं अभी खाना खा रहा हूँ।
      3. बच्चे यहाँ बैठे हैं।
      4. वह बहुत तेज़ दौड़ता है।
      5. राम हमेशा सच बोलता है।
      6. उसने काम सावधानी से किया।
      7. पक्षी नीचे उतर आया।
      8. वह कभी-कभी हमारे घर आता है।
      9. सीमा कल आएगी।
      10. छात्र ध्यानपूर्वक सुन रहे हैं।

        अभ्यास प्रश्न – 5 : स्वयं वाक्य बनाइए

        निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग करके अपने वाक्य बनाइए—

        1. धीरे
        2. आज
        3. यहाँ
        4. बहुत
        5. प्रतिदिन
        6. अचानक
        7. बाहर
        8. अक्सर
        9. चुपचाप
        10. कल

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न

प्रश्न 1:- क्रिया-विशेषण की परिभाषा लिखिए।

प्रश्न 2:- क्रिया-विशेषण के प्रमुख प्रकार लिखिए।

प्रश्न 3 :- रीतिवाचक क्रिया-विशेषण उदाहरण सहित समझाइए।

प्रश्न 4:-कालवाचक क्रिया-विशेषण क्या है? उदाहरण दीजिए।

प्रश्न 5 :-स्थानवाचक क्रिया-विशेषण की परिभाषा लिखिए।

प्रश्न 6:- परिमाणवाचक क्रिया-विशेषण उदाहरण सहित समझाइए।

प्रश्न 7:- आवृत्तिवाचक क्रिया-विशेषण क्या होता है?

प्रश्न 8 :-विशेषण और क्रिया-विशेषण में अंतर बताइए।

प्रश्न 9 :- वाक्य में क्रिया-विशेषण पहचानने की विधि लिखिए।

प्रश्न 10 :- एक वाक्य में एक से अधिक क्रिया-विशेषण का उदाहरण दीजिए।


त्वरित पुनरावृत्ति

क्रिया-विशेषण को बहुत आसानी से इस प्रकार याद किया जा सकता है—

क्रिया + उसकी विशेष जानकारी = क्रिया-विशेषण

पाँच मुख्य प्रश्न

कैसे? → रीतिवाचक

उदाहरण: वह धीरे चलता है।

कब? → कालवाचक

उदाहरण: वह आज आया।

कहाँ? → स्थानवाचक

उदाहरण: बच्चे बाहर खेलते हैं।

कितना? → परिमाणवाचक

उदाहरण: वह बहुत पढ़ता है।

कितनी बार? → आवृत्तिवाचक

उदाहरण: वह प्रतिदिन पढ़ता है।

निष्कर्ष

क्रिया-विशेषण हिंदी व्याकरण का एक महत्वपूर्ण अंग है। यह वाक्य में क्रिया को अधिक स्पष्ट और प्रभावशाली बनाता है। केवल "राम दौड़ता है" कहने से हमें दौड़ने की सामान्य जानकारी मिलती है, लेकिन "राम तेज़ दौड़ता है" कहने से दौड़ने का तरीका भी पता चलता है।

इसी प्रकार—

राम आज बाहर बहुत तेज़ दौड़ता है।

इस वाक्य में अलग-अलग शब्द अलग-अलग जानकारी देते हैं—

    • आज → कब?
    • बाहर → कहाँ?
    • बहुत → कितना?
    • तेज़ → कैसे?
    • दौड़ता है → क्रिया

इसलिए क्रिया-विशेषण को पहचानने का सबसे सरल तरीका है कि पहले वाक्य में क्रिया खोजें और फिर क्रिया से पूछें—

कैसे? कब? कहाँ? कितना? कितनी बार?

इन प्रश्नों के उत्तर के रूप में मिलने वाले शब्दों को पहचानने से क्रिया-विशेषण समझना काफी आसान हो जाता है।

एक पंक्ति में याद रखें:

जो शब्द क्रिया के होने का समय, स्थान, ढंग, मात्रा या आवृत्ति बताए, वह क्रिया-विशेषण कहलाता है।

Dreamer

Founder of Online Marketing Solution,Love to do some things different & innovative in life.

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